जागरूकता समाधान

हमारे समाज में विवाह जन्मकुंडली और गुणों के मिलने के आधार पर ही तय किया जाता है कभी वर या वधू अपने परिवार के किसी अनुवांशिक रोग या कमी का उल्लेख करना उचित नही समझते बेशक बाद में ही क्यों ना कितना ही दुख झेलना पडे अथवा समस्याओं का सामना करना पड़े जिस तरह शिखा के माता-पिता की अनभिज्ञता और लापरवाही उनकी फूल सी बच्ची के लिए अभिशाप के रूप में सामने आई ।