जिंदगी में इतनी उलझने देख

ओहो मुझे महान बनना है,
फिर मैं कैसे घबरा सकती हूं
इन विपत्तियों से
लू के थपेड़ो से…

पलामू की धरती

——पलामू के धरती—— पलामू की पवित्र धरती वीरता से परिपूर्ण है! जो सदियों वीर धरती का जनक रहा है! खेरवार …