ग़ज़ल

जब मोहब्बत से भरे ख़त देखना भूल कर भी मत अदावत देखना साँस लेते लेते दम घुटने लगे इस क़दर भी क्या अज़ीयत देखना मसअला दुनिया का छेड़ो बाद में पहले अपने घर…

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मानसुन के दिन

जब बारिश की शुरूआत होती थी, घर मे अजीब सी उमस रहती। बाहर बदली छाई होती। घर मे हलचल होती। खेती के कामों से पिताजी नौकरों के साथ खेत जा रहे होते। मां…

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एक आँख वाली माँ

अमेरिका से सुरेखा बहिन की चिठी से मालूम पड़ा कि एक भयंकर कार एक्सीडेंट में उनकी एक आँख जाती रही। दिल को गहरा आघात लगा लेकिन पैसों की मजबूरी कहें या पारिवारिक परिस्थितियों…

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