प्रकृति का प्रकृति पे कहर

मुझे मालूम है चिड़ियों का बसेरा विलुप्त हो गया
मगर इतनी बेरूखी क्यों हमसे या उस प्रकृति से

उसकी ज़िंदगी थी अनूपा

एक दिन अनूपा बस स्टॉप पर नहीं आयी। जहान्वी को अकेले ही जाना पड़ा। शाम को जाह्नवी ने अनूपा की मौसी के घर जाकर पूछा

रिकशे वाला

मैडम आपका घर बस स्टाप से इतना करीब है, आप अगर चल कर जाएं तो आपकी सेहत भी ठीक रहेगी और पैसे भी बचेंगे। रोज रोज आने जाने में क्यों पैसे खराब करती हैं?

बुजुर्गों की दुआएँ।

तरही गजल :-बुजुर्गों की दुआ…. अगर चेहरा खिला है और मैं हूँ। बुजुर्गों की दुआ है और मैं हूँ।। मुहब्बत …