चन्द्रग्रहण

चाँद कहे धरा से थोड़ा सा तो खिसक ले, कर लूँ दीदार मैं भी अपने चमन का, अब कुछ घुटन सी होने लगी है मन पर, कहीं मैं होकर निढाल गिर ना जाऊँ…

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कैसा मौसम

यह कैसा मौसम है आसमान में न सूरज है न चाँद कायनात के रंगों को भी लगता है किसी गम ने खा लिया है आज तभी वो सारे सुंदर, सुनहरे, तीखे, भड़कीले रंग…

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व्यक्ति से बड़ा देश है

  व्यक्ति से बड़ा देश है जानो सारे बात यह,बड़ा व्यक्ति से देश। अहं भाव को छोड़ दो,यही सर्व आदेश।। यही सर्व आदेश,फूले-फलेंगे सारे। देश प्रेम के साथ,गुँजेंगे जब भी नारे। रहना है…

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शायरी

विश्वास पे खड़ा है हर चीज एक वक्त से लड़ा है हर चीज 'परिन्दे' दो पंख से नाप लेते हैं आसमान आसमान से बड़ा है हर चीज --------******--------- एक वजह थी, यूं रुठने…

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चाँद

झलकाया नभ ने कैसा चाँद पूरा दुख और आधा चाँद देखे आंसू मेरे गालों पे मेरी ख़ातिर ही रोया चाँद मामूली शै नहीं दुनिया की मेरा चंदा है रब का चाँद सब पर…

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