मुहल्ले का वो घर

मुहल्ले का वो घर, जिसका किंवाड़ अक्सर, मुझे देखकर बंद हुआ करता था सुना है पिछले सप्ताह, बाबुजी ने खरीद …

तेरे बिन गुजरा वो दिन

आज सुबह जब आँखे खुली, तो लगा कि जैसे रोज की तरह आज फिर आयेगी तेरी यादें और सूरज की …