ज़िंदगी तू कहाँ खो गयी, मैं तुझको ढूँढा करता हूँ,

बचपन बीता और जवानी ढल गयी, जाने कैसी होड़ में,
अपनी मैं में मैं रहा, व्यस्त रहा पैसों की दौड़ में|

जिस्म में खूँ की रवानी का मज़ा आएगा

जिस्म में खूं की रवानी का मज़ा आएगा। इश्क होते ही जवानी का मज़ा आएगा। जोश गुफ्तार में कुछ और …