सारी उम्र गवां दी

किस पर ऐतबार करें यहाँ किसको अपना माने हम
हर तरफ़ झूठ का कारोबार है फ़रेबी भरे पड़े हैं ज़माने में ..

मौत से ठन गई (अटल स्मृति)

अटल स्मृति: श्रद्धांजलि  श्रंखला ठन गई! मौत से ठन गई!  जूझने का मेरा इरादा न था, मोड़ पर मिलेंगे इसका …