जिंदगी (बचपन)

जिंदगी बचपन बड़ा होता हैं आँगन में और आँगन में तैरती हैं नाव उड़ती हैं पतंग खेल ते हैं खिलोने आ जाते हैं राहों में और राहें मिलती हैं तिरहों पर चोरहो पर…

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बच्चों के लिए

✍ बच्चों के लिए_____ हमेशा याद रखिए, हां कहने की अपेक्षा नहीं कहना ज्यादा मुश्किल कार्य है। थोड़ा निडर बनिए। यदि आप किसी कार्य के लिए ना कहते हैं, तो हो सकता है…

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फिजूल है

  ये क्या इन आँखें में फिर आँसू दर्द-ए-दिल को समझाना फिजूल है। किस्मत से बदलती नहीं जिन्दगी हथेलियाँ को भिगाना फिजूल है। जहाँ एहसास-ए-दिल न हो वहाँ रूठना मनाना फिजूल है। जिसके…

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उम्मीद का टुकड़ा

मैं उम्मीद का एक टुकड़ा हूँ जबकि दिल से टूटा हूँ,फिर भी पूरा हूँ तुम सम्हाल कर रखना मुझे अगर टूटुगा तो बिखर जाऊँगा दिल में तुम बहा कर आँखों से दिल को…

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