संघर्ष

By | 2018-01-15T14:23:56+00:00 January 15th, 2018|कविता|

संघर्ष से भरी ये दुनिया चक्रव्यूह में फंसती गयी ऐसा जाल बुना रब ने जीवन चक्र में जा पहुंची [...]

व्याकुलता

By | 2018-01-12T12:45:38+00:00 January 12th, 2018|कविता|

औचित्य क्या मेरे जीवन का नही समझ में आया है इतराते फिरते चकाचौंध में पाश्चात्य रंग ने भरमाया है [...]

जीवन

By | 2018-01-09T12:45:54+00:00 January 9th, 2018|कविता|

ये जीवन ! भावनाओं की बहती नदी है जहाँ एक ओर गर्भ में प्रेम और संवेदनाएं तो दूसरी ओर [...]

नवगीत

By | 2018-01-06T01:06:22+00:00 January 6th, 2018|कविता|

नवगीत-- 39 "दुश्वारी" बोझ उठाए, नाज उठाए, चले जा रहे, दुश्वारी का। वो मुफलिस बेचारे हैं तकदीरों के मारे [...]

अब भी

By | 2017-12-25T09:59:30+00:00 December 25th, 2017|कविता|

अब भी .... .चन्द्र मोहन किस्कु श्रेष्ठ होने की चाहत और बुद्धि के बल पर मानव अपनी जीवन शैली [...]

शव-यात्रा

By | 2017-12-21T21:37:54+00:00 December 21st, 2017|आलेख|

कंधो पर जाती एक शव-यात्रा, देती है हमे वो सच्चाई का जीता-जागता उदाहरण, जिसे जानकर हर इंसान एक पल [...]

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