जिंदगी (बचपन)

जिंदगी बचपन बड़ा होता हैं आँगन में और आँगन में तैरती हैं नाव उड़ती हैं पतंग खेल ते हैं खिलोने आ जाते हैं राहों में और राहें मिलती हैं तिरहों पर चोरहो पर…

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