महिला दिवस

नारी सशक्तिकरण पर भाषण देने वालों , ज़रा इन सवालों के जवाब तो दो । उच्च वर्ग की महिलाओं को छोड़कर , नामी फिल्म अभिनेत्रियों को छोड़कर , टाटा ,बिरला और अंबानी सरीखी…

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बोलो प्रभु ! कौन हूँ मै? (कविता )

बोलो प्रभु !बोलो ! तुम्हें आज  बोलना होगा , कौन हूँ मै ? इस सवाल का जवाब देना होगा । मै औरत हूँ जगतजननी , शक्तिस्वरूपा अगर , क्योंकर बनाया मुझे भोग्या इस…

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ऐ भोले पशु ( कविता)

इस इंसानों की दुनिया में तेरा कहाँ ठिकाना है , ठोकरें खाते हुए इधर -उधर जीवन तूने गुज़ारना है । खाने को फेंका हुआ अन्न ,खाद्य -पदार्थ जहर (प्लास्टिक ) के साथ ,…

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माँ की दुआ

तुम भी दर्द कब तक देते, मैं भी दर्द कब तक सेहती तुम भी उतने बुरे नहीं हो, मैं भी अब इतनी भली नहीं। जिसके साथ माँ की दुआ हो उसके साथ गलत नहीं हो सकता। माँ की दुआ उसका रक्षा कवच बनकर हर मुसीबत से उसकी रक्षा करता है। किसी काम से अमरोहा अकेले ही जाना था लेकिन माँ दुआएं, पापा का आशीर्वाद, मैम की शुभकामनायें और मेरे भगवान जी का साथ है किसी और सहारे की क्या ज़रूरत?

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