विश्राम स्थल

धुंधले धुंधले साये हैं रोशनी मिट रही है रंग धूल रहे हैं भोर थक गई है सांझ हो चली है मेरा आंचल पकड़ मेरे पीछे पीछे आना आशियाना तलाशते हैं कोई किसी खेत…

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आपको ही

दिन में भी खुली आंखों से मैं ख्वाब देखती हूं जब जब जो भी कोई खूबसूरत मंजर मैं देखूं मैं उनके दिलकश नजारों में आपको ही पाती हूँ आपको ही देखती हूँ। मीनल

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विश्वासघात

" तुमने मुझे धोखा दिया है , मेरी सम्वेदनाओं के साथ विश्वासघात किया है .वे इस आघात को सहन नहीं कर सकतीं  .इससे मैं विछिप्त हो जाऊंगा ." " यह सब नियति का…

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नश्वरता का ज्ञान

१- विषयों की प्रियता का भान , प्रत्येक प्राणी को होता है । इनकी नश्वरता का ज्ञान"उपासना" किसी विरले को होता है । २- हे मानव!एक दिन ऐसा आएगा, जब तू बहुत पछताएगा …

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दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!

हो जाय न पथ में रात कहीं, मंजिल भी तो है दूर नहीं - यह सोच थका दिन का पंथी भी जल्दी-जल्दी चलता है! दिन जल्दी-जल्दी ढलता है! बच्चे प्रत्याशा में होंगे, नीड़ों…

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