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Anubhav December Archives - हिन्दी लेखक डॉट कॉम

बेदर्द दिसम्बर

बेदर्द है दिसम्बर जज्बात बढ रहें है, ख्वाबो में तुमको लेकर बाहों में भर रहें है। यादों में तेरी डूब के अब रात काटते हैं। तन्हाई जब सताती पूरी रात जागते है। सांसों…

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संत सिपाही

एक संत चला है संत की राह दूर क्षितिज में अनन्त की राह, आंधी झेली पतझड़ झेला निकल पड़ा वो वसन्त की राह। इस जीवन का सार छद्म है जीवन बस दो चार…

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ऐ लड़की तू सुन जरा

सुनाती तुझे मैं एक कविता तू है एक लड़की जिसका नहीं है कोई वजूद यहां, डरकर हमेषा रोती रही तो घुटती रहेगी हर पल यहां बढने न दे अंधेरे की खाई को, जला…

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जज्बात

कपिल की माँ को वह दिन याद आ गया जब माँ ने बहू अंजनि को घर आने पर यह कहते हुए " कि यह घर तुम्हारा है और इस घर की हर मान…

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सावधान मौत आ रही है

जन्म अभी लिया ही था एक अनेक जीव ने अक्षम इलाज के चलते मृत्यु में बदल गया । प्रदूशण के कारण उन्हें नहीं बचाया जा सका अभी रेल हादसा में ,नोट बदलने की…

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विज्ञान

एक असमर्थ,असहाय वृद्धा के एकमात्र अवलम्ब उसके युवा पुत्र की भागती आत्मा को क्या तुम वापस ला सकते हो? क्या दो घंटे तक उसे जीवन दे सकते हो? उसका पुत्र एक ही तो…

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आत्मकथ्य

बस से उतर कर एक गहरी सांस ली, मुझे इतना सुकून मिल रहा था जैसे कि कितने लम्बे समय के अंतराल के बाद मैने खुली हवा में सांस लिया हो, थोड़ी देर पहले…

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तुम गीत, मैं शब्द

तुम गीत तभी लिखते हो जब मैं शब्द बेचता हूँ मोल तभी तक इन गीतों का क्योकि मैं शब्द बेचता हूँ शब्दों के सुंदर सगुंफन से अर्थ लालितत्य सँवरता है शब्दों के सुंदर…

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अनमोल सोफा

नीले आसमान के नीचे फैली पेड़ों की घनी छाया, पार्किंग की इतनी पर्याप्त जगह मानो कोई उडन तश्तरी उतरने का स्थान बना हो, सेक्टर 16 पंचकूला में आधार प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम…

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इस सदी में

जिसके पास कुछ नहीं थोडा बहुत चाहता है जिसके पास है थोडा बहुत और ज़्यादा के इन्तजार में है जिसके पास नहीं बित्ता भर ज़मीन फतह करना चाहता है पूरी दुनिया ख्वाईषे अब…

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उसका प्रश्न

दीवार पर भगवान श्रीकृष्ण का मन भावन कलेन्डर देखकर उसने सिर पर आंचल डाला और तत्परता से दोनों हाथ जोड़कर प्रार्थना के स्वर में आंखें मूंदकर बुदबुदाने लगी, ‘‘ हे भगवान मेरी लाज…

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बगिया

बेचैन है मन षब्द का अभाव क्यूँ है धड़कन भी थमकर धड़कती संवेदना की हार क्यूँ है ’अनुभूति’ और ’सह’ दोनों नदी के दो किनारे ’स्व’ व ’अनुभूति’ हर एक दिल में बसी…

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भारत माँ के लाल

हम भारत माता के हैं वीर लाल नन्हें - नन्हें हाथों से करें कमाल हम हैं छोटे - छोटे , प्यारे बच्चे न समझना तुम हमें अक्ल में कच्चे . हम भारत माता…

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छम-छम पायल बाज

तेरी छम-छम पायल बाजे जाङे के मौसम में, थर-थरते होंठ बुलाए जाङे के मौसम में। तू आए तो मस्त हवाएं गाए तू जाए तो दिल मेरा घबराए, तेरे आने-जाने से मुझे तङपाने से,…

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