भारत! तुझे जय नहीं अब मांगना

हुई जागृत पिपासिनी मुग्ध, प्रफुल्ल हाँसिनी जगत्-जीवन-पय धारिणी व्यथा, वियोग, विग्रह हारिणी ममत्व स्वत्व साधिनी गर्त गमन बाधिनी शिखरावरोहण में संघर्षिनी व्यवधान-मद मर्दिनी शुष्क कंठ की गायिका विजय-वाहिनी वाहिका उङने को विकल अरमान…

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प्रतिभा भी भाग्य की मोहताज होती है

जहाँ बुजदिली ही आदमी की आवाज होती है, वहाँ प्रतिभा भी भाग्य की मोहताज होती है।। ईमानदारों को मिलती है ठोकर जहाँ, बेईमानों को मिलती है रोकर जहाँ, जहाँ बेईमानी ही जिन्दगी का…

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कदम

संघर्श ही जीवन है मिलता नही यहाँ कुछ हार कर बैठ जाने से मंज़िल होती है हासिल खुद को आज़माने से। खुली आँखो से देखा वो सपना फिर मेहनत से क्यो नही सज़ाया…

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गले लगा लें

मतभेदों को आज भूलाकर मन को मन से आज मिला दे, छोटी-छोटी बात भूलाकर एक-दूजे को गले लगा लें। दीप जला दे एक दीप से दीपदान कर नई रीत से, वंचितों को हक…

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सोच

बहुत ही हैरानी और खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि लोग अपने पसंदीदा हीरो की फिल्म देखने या मनपसंद होटल के आगे लंबी कतारें लगा अपने बारी का इंतिजार करने को…

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कन्यादान का अनुभव

इक्कीस अक्टूबर दो हजार की सुबह, ग्यारह बजे बुखार से तप रही अपनी माँ को डॉक्टर को दिखाने के लिए जल्द ही ले जाना था रिक्षे पर चढ़ाना था तब, रिक्षे पर स्वयं…

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टूटती परम्पराएं

सुधीर का विवाह हुए लगभग एक वर्ष होने को था | सुधीर व उसकी पत्नी प्रिया एक दूसरे से अंजान ही बने रहे,धीरे-धीरे घरवालों को भी इसकी जानकारी हो चुकी थी | सुधीर…

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माँ

माँ लौट आंउगा सांझ तले अभी जाना है कर्म के युद्ध क्षेत्र में लौट आउंगा तरकारी ठंडी होने से पहले और खाउंगा तवे से उतरे तेरे हांथ के गरम-गरम मीठी रोटियां वहां कहां…

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सिद्धू पाजी का राजनीतिक सिक्सर

सिद्धू पाजी कहीं भी रहे, मारने में वो सबसे आगे रहे हैं. चाहे वो जोक्स हो या सिक्सर या थपड, इसी लिए सिक्स्सर पाजी का उप नाम उनके साथ आज भी जुड़ा है.…

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दोहे

हाथों में मशाल लिये , खडे हुये नगर में । सत्य , अहिंसा मार्गो पर , वीर.पुत्र डटे हुये ।१। सच्चे वीर डटे हुये , मातृ.भू कि सेवा में । धन्य होती माताये…

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ये कंस की जेल तो नहीं

ऐसा माना जाता था कि द्वापर युग में शूरसेन जनपद का एक शासक कंस हुआ करता था. वैसे तो यह भी माना जाता है कि अंधकवंशी अधिकतर शासक स्वेच्छाचारी और तानाशाही थे. उस…

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अनबन

खुदी से अब अनबन है जिंदगी हुई उलझन है मुक्कमल किया नहीं कुछ खुदा खूब तेरा ये फन है अपना नहीं है क्यों वो जिस गैर से अपनापन है पहले वो देता है…

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सम्वेदनहीनता

आज़ बैंक में बहुत भीड़ थीएखैर इसके लिये हम बैंक वाले तैयार होकर आये थेएप्रधानमंत्री जी ने 500 व 1000 के नोट बंद किये थे । हम तैयार थे इस काले धन रूपी…

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