दीवार पर टंगी पिता की तस्वीर

आज पिता को गुजरे पूरा एक महीना हो चुका है।चलो सब  कार्य  अच्छी तरह से  निपट चुका है। अब मैं भी, पत्नी को साथ लेकर, कहीं  तीर्थाटन के लिए जाने की सोच रहा…

Continue Reading दीवार पर टंगी पिता की तस्वीर

ख्याल…एहसास

एक ही मेरा जिगरी यार, तेरी चाल धीमी करने वाला बाज़ार... मुखबिर एक और चोर, तेरी गली का तीखा मोड़। करवाये जो होश फ़ाख्ता, तेरे दर का हसीं रास्ता... कुचले रोज़ निगाहों के…

Continue Reading ख्याल…एहसास