बड़ता जुल्म मेरे हिंदुस्तान में

गंगा जामजम का पानी सब हो रहा क्यों बेकार ये,
किसको अपना समजू में किसका अब दीदार करू,

वेलेंटाइन एक अभिशाप

“14 फ़रवरी 1931 में पंडित मदन मोहन मालवीय ने वायसराय को टेलीग्राम किया और अपील की कि भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव को दी गई फांसी की सज़ा को उम्रक़ैद की सज़ा में बदल दिया जाए।” लेकिन

तुमको हिंदी आता?

एक लड़का बोला – नहीं, आप तो मुझे साउथ अफ्रीकन जैसे दिख रहे हो। और जहाँ तक भाषा की बात हमारी हिंदी आपसे बेहतर है।
जैसे को तैसा!

किस दिशा में जा रहा है ये मेरा देश 

मुख्य बात है जनता है अलसायी
हो हुनर तो पठार से भी पानी निकल सकता है
सोच बदले युवा तो …