वेलेंटाइन एक अभिशाप

“14 फ़रवरी 1931 में पंडित मदन मोहन मालवीय ने वायसराय को टेलीग्राम किया और अपील की कि भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव को दी गई फांसी की सज़ा को उम्रक़ैद की सज़ा में बदल दिया जाए।” लेकिन

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अंगार हू मैं

मधुर शांति की, आवाज़ हूँ मै , रवि किनारों की , झनकार हूँ मै, चंचल मन का , वेग हूँ मै, नवल सूर्य का , प्रकाश हूँ मै , समुद्रों में उमङता, लहर…

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इलेक्शन

आज हमारे देश का, फिर से माहौल गरमाया है क्योंकि इलेक्शन आया है छुपकर बैठा था जो म्यानों मे निकलकर बाहर आया है, धूल पड़ी थी जिन वादों पर। झाड़ पोछ चमकाया है…

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