माँ तो माँ होती है

माँ तो बस माँ ही होती है, क्या सगी, क्या सौतेली. मगर यह समझता है कौन, वह है एक अनबुझ …

नारी -सुरक्षा व् सम्मान : एक अनसुलझा प्रश्न (कविता)

क्या  नारी  कहीं सुरक्षित है ? अपने घर , या  घर के बाहर ! पड़ोसियों  के घर ? करीबी या …