पहाड़ का अस्तित्व- ( पहाड़ की नारी)

नारी के बिना पहाड़ अधूरा - या यहां यह कहना गलत नहीं होगा कि पहाड़ का अस्तित्व ही नारी के कारण टिका हुआ है यदि पहाड़ों से कुछ हद तक पलायन रुका है…

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बगावत बेचारा पुरुष

क्यों नहीं सोच पाती लड़कियां सिर्फ अपने बारे में क्यों सुख ढूंढती हैं वो पुरुष की अधीनता में क्यों चाहिए पुरुष का कन्धा दुःख हल्का करने के लिए क्यों नहीं निकल पाती इस…

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मूक दर्शक

विधि का विधान नहीं है यह, जो पाप यहां हर रोज़ होता है पापियों का है बड़ा जमघट जो इन घटनाओं को अंजाम देता है नौ महीने कोख में रखकर जन्म देती है…

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नारी भाग 02

*" नारी " (भाग-२)* नारी से सुख चरम है मिलता नारी से दुख चरम है मिलता ! सृष्टि रचयिता भी यह नारी नारी में अपकरम है मिलता !! नारी है निर्माता जग की…

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नारी भाग 01

" नारी " (भाग-१) उपेक्षित उपहार हूँ मै उपशम एक उपचार हूँ मै | निर्जन की संगीत हूँ मैं खुशियों की अवतार हूँ मैं || पी दृगमदिरा मस्त हुआ मतवाले की उद्गार हूँ…

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नारी को वर दे

प्रार्थना हे मा अम्बे हम पर बस इतनी कृपा कर दे कलयुग की हर नारी को ऐसा वर दे जो डाले उस पर बुरी दृष्टि वही नारी उसका सर कलम कर दे शक्तिहीन…

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