नासाज दिल

दिल आज नासाज हे, नासमझ कुछ मिजाज हे, दर्द इश्क का नही फिर भी उदास हे, ख्वाईशो की लंबी फेहरिस्त के बोझ मे, गुमसुम हे, अंजान हे, परेशान हे.. करना चाहता हे बाते…

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