दिल की लगी…

मोहब्बत का मातम मानाने चला हूँ दिल की लगी आज बुझाने चला हूँ तडपता है दिल ये तेरी याद बनकर i रोता है मजबूर औ बेकार बनकर ii वही राज में आज बताने…

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तलब

तलब एक चीज है ऐसी, नशा उसमे भरा होता है; कहाँ हूँ और कौन हूँ मै, इसका कहाँ पता होता है| अजीब सी इसमे कशिश होती है, नशा की कई प्रजाति होती है,…

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सीख ले

जीतना है जंग तो जोखिम उठाना सीख ले । मौत के सम्मुख खड़े हो, मुस्कुराना सीख ले ।   चाहता है तू कि उसका ना यहाँ उत्पात हो, तो ज़रूरी है ज़रा जोखिम…

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