वृद्ध- आश्रम (पिता का उपहास)

उन्हे बस गोद में तो बिठाया था, झुका नही दुनिया के सामने पर पर उन्होने घुटने टेक घोडा बनवाया था, …

दीवार पर टंगी पिता की तस्वीर

आज पिता को गुजरे पूरा एक महीना हो चुका है।चलो सब  कार्य  अच्छी तरह से  निपट चुका है। अब मैं …