हे कल्कि !

हे कल्कि! हे कल्कि! हे तारण हार! अतिशीघ्र आओ, और  इस धरा के दुःख दूर करो . हे देव! मजबूर, मासूम व् निर्दोष प्राणियों की रक्षा करो. अपने अस्र्त्रों-शस्त्रों से दुष्टों का संहार करो. कलयुग…

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दो परिवारों की व्यथा

काँप रही थी माँ सदमा ऐसा लगा था पिता जैसे जीते जी मर ही गया था निकल रहे थे अंगारे भाई की आँखों से दिन में भी घर में अंधेरा घना था। अड़ोस…

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मतिहीन की अर्जी…

*अधिकारी से शिक्षक की गुहार...* *बहुत हो गया लेट प्रभू जी* *अब मत दीजे डेट प्रभू जी |* *मैने नही बिगाडा कुछ भी* *क्यों करते हो हेट प्रभू जी ||* *मिल के आया…

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