दोस्ती-एक प्रेम कहानी

हर एक इंसान की अपनी कुछ अभिलाषाये होती है और वह सामने वाले से वही अपेक्षा करता है जैसे उसे क्या प्रसन्द है क्या नहीं। यही सभी बातें ध्यान में रखते हुए अपनी लाइफ को मैं जीने लगा। अब तो दिन ही नही साल बीतने लगे। मैं गांव से शहर अपनी आगे की शिक्षा के लिए आ गया। वो दिन भी आया जब पहली बार मैने उससे अपने दिल की बात कही। और उसने मेरी बात को स्वीकार किया।अब वह दोस्त के साथ मेरा प्यार भी है कुछ वक्त बाद मुझे उसने बताया कि अब आपके ही इंतेज़ार में पलकें बिछी रहती है कि कब मेरे सामने आओगे।