वो सावन दिखे तो बताना!

वो सावन दिखे तो बताना! सावन में नव विवाहित स्त्रियों की (मायके जाने की) प्रतीक्षा आजकल तो समाप्त ही हो गई है। ना तो पहले जैसे रिवाज रहे, और ना ही उन त्यौहारों…

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बारिश और बचपन

बारिश, मिट्टी की खुशबू, कागज की कश्ती... बारिश में भीगने पर बच्चे को डांट रहे पिता को देख, अपने बचपन के गलियारों का चक्कर लगा आई..... मैं अपनी बालकनी में बारिश का शोर…

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विदाई

बिटिया मेरे आंसुओं पर ना जाना कभी चिरया करूं में तुझे घर से विदा ससुराल में जाकर सदा खुश रहो सजना का तुम्हें प्यार मिलता रहे महलों की रानी तुम सदा ही बनो…

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