छड़ी

रोज की तरह राजेश अपने दफ्तर जाने की तैयारी कर रहा था। उसने अपनी पत्नी मधु से कहा की उसे दफ्तर जाने में देर हो रही है, उसका टिफिन अभी तक क्यों तैयार नहीं है? मधु तुनकती हुई आई और बोली “मुझे क्या तुमने अल्लाद्दिन का जिन्न समझ रखा है, जो तुम्हारी हर फरमाइश बोलते ही पूरी हो जाये। इस घर में हर किसी ने मुझे मशीन समझ रखा है। ये लो पकड़ो अपना टिफिन।”