कर्मफल

बह उठकर बच्चों के लिए खाना बनाना ,टिफिन रखना बच्चों को स्कूल भेजते हुए कम्पनी जाना । पड़ोसन अच्छी थी वह अपने बच्चों के साथ जानकी के बच्चों को भी घर लाती ।
बच्चों की फीस किताब कापी ,खाना पीना सब कुछ पूरा करते करते कभी कभी तो खाने को अनाज भी नहीं रहता । वह साग खरीदकर लाती उसे उबाल कर नमक डालकर बच्चों को दे देती । बच्चे बिना सवाल जवाब के हंसीखुशी माँ के साथ बैठकर साग खाकर चुपचाप सो जाते ।