एक प्यार ऐसा भी

दोपहर के लंच का समय हो रहा था , रजनी ने अपने P. A से पूछा क्या कोई और भी है इंटरव्यू देने के लिए ?
P. A -yes maim one candidate more
Rajni – ok उन्हें भेजो

पढ़ी -लिखी बहु

बहु रोते हुए अपने कमरे में चली जाती है ,उसे सास -ससुर के अपशब्द बोलने का इतना दुःख नहीं ,जितना दुःख अपने पति की ख़ामोशी का है ,क्यों

माँ(एक कविता)

ये कविता एक माँ के प्रति श्रद्धांजलि है। इस कविता में एक माँ के आत्मा की यात्रा स्वर्गलोक से ईह्लोक पे गर्भ धारण, बच्ची, तरुणी, युवती, माँ, सास, दादी के रूप में क्रमिक विकास और फिर देहांत और देहोपरांत तक दिखाई गई है।

तुमसे कितना प्यार है आज हमे मालुम हुआ 

डिअर मम्मी love you mummy कहना तो बहुत कुछ है आपसे जो कभी कहा नहीं। आपको हमेशा दुसरो के जीते …