जय-जयकार हिंदी की

देवनागरी लिपि इसकी, है बनावट में सुंदर।
देती हो शोभा जैसे, ये माथे पर बिंदी की।।
किस्से कहानी कविताएँ, हर विधा का सागर।
झरता ज्ञान का झरना, हैं ज़ज्बात हिंदी की।।