तुम्हारी यादें

कोशिश बहुत की रोकने की यादों की उफनती लेहरो को पर बहुत ज़िद्दी हैं वो और उफनती है और उफनती हैं जैसे लहरें साथ लाती हैं अपने कोई सीप ,कोई नन्हा मोती उसी…

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साथी

कुछ वीरान सी हो गई ज़िन्दगी साथी के चले जाने के बाद। अब तो दीवारे ही हो गई साथी साथी के चले जाने के बाद। बार बार याद आता है चेहरा साथी का…

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