एक था बचपन

शामें तो बचपन में हुआ करती थी! एक अरसा हुआ,अब वो शाम नहीं होती। जिसका इंतजार रहता था,खेलने के लिए। फिर थोड़ा और बड़े हुए! शाम का इंतजार होता था,दोस्तों को अपने सपने…

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