दीवार पर टंगी पिता की तस्वीर

आज पिता को गुजरे पूरा एक महीना हो चुका है।चलो सब  कार्य  अच्छी तरह से  निपट चुका है। अब मैं भी, पत्नी को साथ लेकर, कहीं  तीर्थाटन के लिए जाने की सोच रहा…

Continue Reading

दिल धडका

यारब आज फिर दिल धडका वो बचपन की शरारतें याद आई वो किले की सडक से साईकल को रफ्तार तेज से छोड देना आंखे जोर से बंद कर लेना सोच कर यह अब…

Continue Reading

दोहरे मापदंड

मेरी बेटी कितनी भाग्यशाली है,मेरे दामाद का तो कहना ही क्या!मेरी बेटी की सांस में सांस लेता है। जरा भी शिकन नही आने देता शोभा के चेहरे पर।शोभा उदास होती है तो उसकी…

Continue Reading

चांदनी रात

चांदनी रात तेरा एहसास कराती है तेरी याद मुझको सारी रात जगाती है रोम - रोम प्रफ्फुलित मेरा इस मधुमास में सावन-भादों निकल गये तेरे आने की आस में हृदय के दरवाजे पर…

Continue Reading
Close Menu