खो गया रामराज्य ज़ुर्म के अंधेरे में

हे राम कहाँ हो तुम , चले आओ हज़ारों अबलाएँ पुकार रही हैं तुम्हें जो घिरी हैं गुनाहों के चक्रव्यूह में। हज़ारों वृद्ध पुकार रहे हैं तुम्हें जो वृद्धत्व अपना गुज़ार रहे हैं…

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लकीरें

अरसे बीत गए खेतों के मेडों पर दौड़ लगाये हुए, कटी पतंगों के पीछे सरहदों को लांघा था हमने। मेरे बेबाक बंजारेपन को जाने किसकी नजर लग गयी, ऐ खुदा ! तेरे इस…

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जीवन परिचय

वादियों में अवध के है बचपन पला, राम नगरी हमे है विरासत मिली मैया सरयू की ममता में बड़े हो गए, हनुमान जी से हमको हिफाजत मिली राम के त्याग ने है सिखाया…

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