राह काँटों भरी मिले चलना सदा

वज़्न– 2122-1212-2212 ग़ज़ल राह काँटों भरी मिले चलना सदा। प्यार हँसके सफ़र से ही करना सदा।। धूप हो छाँव हो …

पिंजरे में मैना बंधन में नारी

एक मैना पिंजरे की कैदी अतृप्त उसकी इच्छाएं आंख से आंसू टप टप गिरते पलकों में अभिलाषाएं पंजों में धागे …