सजा-ए-मौत

यह फूल जीवित नहीं मृत है यह उसी पल मर गया जिस पल तुमने इसे पेड़ की शाख से तोड़ा कुछ पल खिलता दिखेगा फिर मुर्झा जायेगा अपनी चंद पल की खुशियों के…

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