एक पल्लवी

परतापुर का चौराहा, यहां अनेक मिष्ठान की दुकानें ,और शुद्ध खोये की दुकान, बीच चौराहे पर एक विशाल पीपल का वृक्ष, जिसके तने से मोटी उसकी शाखाएं थी, और तने पर गुंथा हुआ…

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भारत को विश्व विजेता बनाना है

सोच बदलने देश बदलने , सोना इसे बनाने को , चलो साथियों निकलो अब भारत को विश्व विजेता बनाना है.......। बिन बेटी के सोचो कि ये दुनियाँ कैसी होगी , न माँ की…

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मुझसे मेरी मुलाकात

कभी मुझे भी पत्रकारिता का शौक़ लगा था और मैं सोचा करता था कि मेरा भी कोई लेख पत्र-पत्रिका में छपेगा, परन्तु शौक़ वक़्त के पन्नों में दबकर रह गया! आज बैठा-बैठा सोच…

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