ग़ज़ल

दोस्तों आदाब, नमस्कार एक बिल्कुल ताज़ा ग़जल आपकी मोहब्बतों के हवाले शराफ़त में अदावत भी मिलाना! इनायत में मुसीबत भी मिलाना! मोहब्बत की हिफाज़त करनी है तो! ज़रा लहज़े में नफ़रत भी मिलाना!…

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