भगवान है पिता

घर-द्वार के सुंदरता की शान है पिता संसार में हस्ती बड़ी महान है पिता क्या कर दूं बच्चों के लिए सोचता हरपल संघर्षरत की बच्चों का भविष्य हो उज्ज्वल वो स्तम्भ है नातों…

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स्वप्न -एक गीत

हे स्वप्न तुम्ही मेरे संसार जीवन के अनुपम उपहार होता प्रतिपल आकुल अन्तर जीवन तो है सत्य भयंकर प्राणों की आहूति दे देकर चाहूं देखूं तुम्हे निरन्तर देख लिया अब सत्य जगत का…

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नार नवेली

नार नवेली -------- देखी हमने नार नवेली, संग में ना थी सखी सहेली, करती साजन का इंतजार । पलक उठाके तुरन्त गिराती, मन ही मन वह तो शर्माती, चित्त में उठते सौ सौ…

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मदन पीर

प्रेम बसा लो नयनों में चंचलता चित्त के द्वार धरो हे मृगनयनी हे मधुबाले मेरा प्रणय - निवेदन स्वीकार करो हे मृगनयनी हे मधुबाले . . . . . क्लान्त मेरा मन अवज्ञा…

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स्त्री

स्त्री। . . . . . बेटी माँ पत्नी और बहू हर रूप में जानी जाती घर ही नहीं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाती स्त्री रूप है शक्ति का संसार को बनाने…

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संग्राम

आज गुम शुम सा है हर कोइ खाली पड़ा है अखबार या खत्म हो गया संसार आज गुम शुम सा है हर कोइ चोर, भ्रषट् ,छल , कपट सब चौंकन्ने कि कहीं सबकी…

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