विश्वासघात

” तुमने मुझे धोखा दिया है , मेरी सम्वेदनाओं के साथ विश्वासघात किया है .वे इस आघात को सहन नहीं …

अब मैं आता हूँ मात्र

अब मैं आता हूँ मात्र ! (मधुगीति १८०२११) अब मैं आता हूँ मात्र, अपनी विश्व वाटिका को झाँकने; अतीत में …

प्रेम पत्र

रही होगी उम्र यही कोई सत्रह अठरह की तुम्हे देख बुनने लगी ख्वाब अनेक…… आँखों ही आँखों मे लिख दिया …