रिकशे वाला

मैडम आपका घर बस स्टाप से इतना करीब है, आप अगर चल कर जाएं तो आपकी सेहत भी ठीक रहेगी और पैसे भी बचेंगे। रोज रोज आने जाने में क्यों पैसे खराब करती हैं?

प्रेमचंद ओ प्रेमचंद…

प्रेमचंद ओ प्रेमचंद ओ प्रेमचंद ओ प्रेमचंद… प्रेम चंद सच सच बतलाना 3 दो भाई के बटवारे मे व्यथा द्वंद्व …

कैसे लक्ष्य सफल होगा (प्रेरणा)…

फूलों से आकर्षित करना बिन बोले बिन समझाये ! खुश्बू बिना किसी शर्त ही हम तक अपनी पहुँचाए !! इन …

एक पत्र पेरेंट्स के लिए

हैलो पेरेंट्स … बच्चों की  परवरिश को लेकर मुझे  कुछ  कहना है। आपके बच्चों को आप जैसा बनाते हैं, वह …

चुगली का बाज़ार गर्म है … (हास्य-व्यंग्य कविता)

चुगली का बाज़ार  गर्म है , समाज में  लोगों के बीच , राजनीति में नेताओं के बीच , इसका बड़ा …

संस्कार : नए-पुराने

कहते हैं हमारे हिन्दुस्तानी समाज में जन्म से लेकर मरण १६ संस्कारों से गुजरना पड़ता है, जिसमे सोलहवाँ संस्कार मृत्यु-उपरान्त …