कुछ साथी सफ़र में छूट गए, मेरे अपने रूठ गए

कुछ साथी सफ़र में छूट गए, मेरे अपने रूठ गए, साथ बुने थे साथ बैठकर, वो सुंदर सपने टूट गए | वादा किया था सदियों का, मिलकर साथ बिताएंगे, बिना एक दूजे के…

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तमन्ना का इक घर

  । । ओ३म् । । * * * तमन्ना का इक घर * * * बहारें जवाँ हैं सितारे चमकते रौशन हैं राहें फूल महकते ख़्वाबों की दुनिया अरमान बहकते मेरा दिल…

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मेरे हिस्से का आसमान

हाँ लेकिन अब सभी फ़र्ज़ पूरे हो गए | बच्चों को उनके पैरों पर खड़ा करने के लिए जितना कर सकी किया| सब के लिए बहुत जी मर ली | सभी ने तो अपनी ज़िन्दगी में जो चाहा वो किया | मैं ही कभी मन की नहीं कर पायी जब भी चाहा अपने लिए कुछ तब परिवार की कोई न कोई ज़िम्मेदारी पाँव की बेड़ी बन गयी | उदय भी तो मंझधार में छोड़ गए मुझे | वो भी ऐसे समय जब मुझे उनकी सबसे ज़्यादा ज़रुरत थी |

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साथी

कुछ वीरान सी हो गई ज़िन्दगी साथी के चले जाने के बाद। अब तो दीवारे ही हो गई साथी साथी के चले जाने के बाद। बार बार याद आता है चेहरा साथी का…

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साथी, नया वर्ष आया है

वर्ष पुराना, ले, अब जाता, कुछ प्रसन्न सा, कुछ पछताता दे जी भर आशीष, बहुत ही इससे तूने दुख पाया है! साथी, नया वर्ष आया है! उठ इसका स्वागत करने को, स्नेह बाहुओं…

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साथी, सब कुछ सहना होगा!

मानव पर जगती का शासन, जगती पर संसृति का बंधन, संसृति को भी और किसी के प्रतिबंधों में रहना होगा! साथी, सब कुछ सहना होगा! हम क्या हैं जगती के सर में! जगती…

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