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सावन Archives - हिन्दी लेखक डॉट कॉम

तस्वीर

जीवन की तस्वीरें उतारती उतारती देखो मैं खुद एक तस्वीर बन गई क्या सम्भव है क्या असम्भव क्या सही है क्या गलत क्या मुखर है क्या मौन क्या शोर-शराबा है क्या निशब्द क्या…

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क्या लिखूं तेरे बारे , जितना लिखूं कम ही कम है

फुलवारी में खिले फूलों सी तेरी खुशबू मेरी साँसों में घुल रही है समुन्दर की लहर सी￰ तू भी मेरे इक यादों को...

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आया सावन झूम के

आया सावन झूम के आपकी चाहत, आपकी मदहोशी ख़ुशबू लाए हैं। संदियों के बाद आया सावन झूम के छाए हैं। आपका सन्देश आया जब मैं झूम उठा बहें पुरवाई हल्की हल्की बून्दें ने…

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ये बैरन बारिश

अबके सावन ऐसा बरसा तुझसे मिलने मेरा ये मन बड़ा तरसा, अब तो तनहा जिया न जाये तेरे बिन, बड़े लम्बे बन गए जीवन के पल-छिन , सावन अब बरसता है मेरी पलकों…

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नयना सावन…

गीत... नयना सावन... नयना सावन यह बरस गया मन पागल पपीहा तरस गया ! ये उन्मादों की रातों मे रिमझिम रिमझिम बरसातों में सुखा कृस तन फिर हरष गया !! नयना सावन यह…

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याद जब तेरी आती है तो आँखे नम हो जाती है

याद जब तेरी आती है तो आँखे नम हो जाती है ढूढती है हर तरफ मगर दीदार नहीं कर पाती है यादों के सहारे तो जिंदगी का सफ़र कटता नहीं क्या करे ये…

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नींव के पत्थर

(जिन भव्य भवनों, ऊंची अट्टालिकाओं, महलों - राजप्रसादों के शिखर - कंगूरे आकाश से बातें कर रहे हैं, उन्हीं की नींव के पत्थरों को समर्पित है यह कविता)   जब - जब सावन…

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साजन आए, सावन आया

अब दिन बदले, घड़ियाँ बदलीं, साजन आए, सावन आया। धरती की जलती साँसों ने मेरी साँसों में ताप भरा, सरसी की छाती दरकी तो कर घाव गई मुझ पर गहरा, है नियति-प्रकृति की…

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