उसकी ज़िंदगी थी अनूपा

एक दिन अनूपा बस स्टॉप पर नहीं आयी। जहान्वी को अकेले ही जाना पड़ा। शाम को जाह्नवी ने अनूपा की मौसी के घर जाकर पूछा