बढ़ाएँ अपना एक क़दम हिंदी की ओर

बढ़ाएँ अपना एक क़दम हिंदी की ओर…
भारतेंदु हरिश्चंद्र जी की दो पंक्तियाँ मुझे बहुत प्रभावित करती हैं…