कलुवा किसान

तुम एयरकंडीशन में रहने वाले || हम धूप झाँव को सहने वाले || मेरे दर्द को तुम क्या समझो || हम जल्दी नहीं है ढहने वाले || हम आँधी तूफानों को सहते ||…

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हिन्दी हमारी जान है

ग़ज़ल (हिन्दी हमारी जान है) बहर 2212  2212 हिन्दी हमारी जान है, ये देश की पहचान है। है मात जिसकी संस्कृत, माँ शारदा का दान है। साखी कबीरा की यही, केशव की न्यारी…

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क्या आपको भी हिंदी बोलने मैं शर्म आती है?

जब विदेशी आप के राष्ट्रभाषा का सम्मान करें तो इससे अच्छी बात कुछ हो सकती है भला? मेरी आँखें उस समय खुली की खुली रह गयीं जब मैंने नेपर्विल ( शिकागो का उपनगर जो illinios राज्य का एक शहर है) के पब्लिक लाइब्रेरी में मुंशी प्रेमचंद की “गोदान” और “ठाकुर का कुआँ” देखी।

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मेरी हिन्दी प्यारी

साधन सबसे जुड़ने का चाहे अपने अनजान से देश में हर प्रांत से भावनाओं को करती वहन दूरियों का करती दमन खुशबूदार फूलों की क्यारी ।। ऐसी है मेरी हिंदी प्यारी ।।

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