तुमको हिंदी आता?

एक लड़का बोला – नहीं, आप तो मुझे साउथ अफ्रीकन जैसे दिख रहे हो। और जहाँ तक भाषा की बात हमारी हिंदी आपसे बेहतर है।
जैसे को तैसा!

क्या आपको भी हिंदी बोलने मैं शर्म आती है?

जब विदेशी आप के राष्ट्रभाषा का सम्मान करें तो इससे अच्छी बात कुछ हो सकती है भला? मेरी आँखें उस समय खुली की खुली रह गयीं जब मैंने नेपर्विल ( शिकागो का उपनगर जो illinios राज्य का एक शहर है) के पब्लिक लाइब्रेरी में मुंशी प्रेमचंद की “गोदान” और “ठाकुर का कुआँ” देखी।

मेरी हिन्दी प्यारी

साधन सबसे जुड़ने का
चाहे अपने अनजान से
देश में हर प्रांत से
भावनाओं को करती वहन
दूरियों का करती दमन
खुशबूदार फूलों की क्यारी ।।
ऐसी है मेरी हिंदी प्यारी ।।