हिंदी है हम

मेरी मातृभाषा है ———हिन्दी’
पुष्प की अभिलाषा’ है हिन्दी
घोर निराशा में हो गर प्राणी
जीने की आशा है ——– हिन्दी!!

हिन्दी व्याकरण

वर्णों से मेल करके शब्दों को जनते है शब्दों को पालकर वाक्योद्योग करते है | वाक्यों की सार्थकता से सब …

क्यों कहते हैं?

चाय की दुकान पर नये-पुराने ग्राहकों के बीच एक ऐसा ग्राहक कुक्कू जिसे दोबारा कभी उस जगह नहीं आना था। …

मेरी हिन्दी प्यारी

     माँ ने सिखाई अध्यापकों ने सुधारी मन की बात कहने में समर्थ मेरी दादी की प्यारी । खुशबूदार फूलों …

सामाजिक समस्याओं में अंतर

समस्या जीवन का अभिन्न अंग है। कुछ पाना है, कुछ करना है…सांस तक लेते रहना है तो भी कोई ना …