जन्मोत्सव (एक उपहार)

तू मुस्कुराये यूँ बार बार
कितनी भोली है तू लगे प्यारी है तू
बनके प्रेम बदरिया जो तू सावन सी है बरसे

भागम भाग ज़िन्दगी

भागम भाग ज़िन्दगी इस भागम भाग ज़िन्दगी में सहारा कोन देना ये मुसाफ़िर हम तो हरे पंछी आज इस डाल …

सत्य ही सत्य की हार है

सत्य ही सत्य की हार है सत्य ही सत्य का प्रतिकार है जीवन की उन्मुख क्या कहें जीवन की अद्रा …

मुनीरी मुनीरी

मेरी मौलिक व स्वरचित रचना ” मुनीरी ” अवश्य पढ़ें ” मुनीरी ” चाँद से बिखरने वाली रोशनी से रोशन होती रातो का नाम …