अनुभव – हिन्दी वेब पत्रिका
हिन्दी लेखक डॉट कॉम की एक उपक्रम

झूठी फिक्र

लूट कर यूँ ही मुझको सरेआम फिर --- इस कदर आप मुझे बुलाया न कीजिये! करके दिल को इस कदर हैरान फिर --- सरेशाम झूठी फिक्र दिखाया न कीजिये!   कर लिया जो…

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तोहफा

बाॅस की बेटी का जन्मदिन था ।बाॅस ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को आमंत्रित किया था ।जन्म दिन पे बधाई देने से ज्यादा इस बात की होड़ लगी थी कि कौन कैसा गिफ्ट देता…

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निष्कासन

गाँव के बाहर गुमटी पर जो चायवाला था पेपर मँगाया करता था।वहीं जाकर सुरेश पेपर देख लिया करता था ग्रामीण बैंक की भर्ती निकली थी सुरेश ने सोचा वह भी फॉर्म भर दे…

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ज़िन्दगी

ज़िन्दगी  में एक उम्र वो भी आई कि मेरा दिल  फूलों पर आने लगा । बहुत समझाया , मनाया। हर दूसरी बातों में उलझाया.. । मगर माना ही नही ! खैर ! एक…

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उड़ गई गौरैया

मैं किताब ले कर खिड़की पर आकर बैठी ही थी कि किसी के रोने की आवाज सुन चौक गई । बाहर ये वो ये औरतें भी न । दोनों बैठी शायद दुःख सुख बाँट रही थी,…

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अभिभावक कैसे कैसे?

आज एडमिशनके लिएलड़कियों की बहुत भीड़थी।मैं बहुत थक गयी थी ।पानी पीने का भी अवकाश नहीं मिला था ।हम प्रिंसिपलों के लिए एडमिशन का ये दौर बहुत कष्ट कारकहोता है। सबको संतुष्ट करना…

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तमाचा

अ और ब दोनों पति पत्नी हैं ।अ जब देखो तब ब को प्रताड़ित करता रहता है ।कभी कभी जरा सी बात पर ब पर हाथ भी उठा देता है ।ब अपने बच्चों…

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माँ और गृहस्थी

माँ को भजन गाने का बड़ा शौक था वह संगीत सीखना चाहती थीं ,मगर तीन बेटों की परवरिश उनके लिए उनके शौक से ज्यादा महत्त्वपूर्ण थी ।गृहस्थी में उनका शौक मन से कब…

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प्रेम

मलखान साम्यवाद पार्टी के जिला अध्यक्ष का पुत्र था ।आती जाती युवतियों को छेड़ना भद्दे इशारे करना और उनका पीछा करना उसके प्रमुख शगल थे ।इस बार उसकी नजर नाबालिंग सुमन पर थी…

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मनोरंजन

आशा को लेखन का बेहद शौक था ।या यूँ कहें कि लेखन द्वारा वह अपने दिल के हर दर्द को कागज़ पर उतार अपनी व्यस्त भागदौड़ और घुटन भरी जिन्दगी में कुछ पल…

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होली

अर्पिता की यह पहली होली थी ।उसने और निखिल ने घरवालों के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह किया था ।उनकी शादी में कोई भी अपना शरीक नहीं हुआ और उनका दांपत्य जीवन बड़ों के…

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पहनावा

मिसेज वर्मा सोसायटी की सभी नवयुवतियों के आधुनिक पहनावे पर मौका मिलते ही तंज कसना शुरू कर देती थीं । बेचारी लड़कियां और उनकी मांए मिसेज वर्मा के इस व्यवहार से बहुत आहत…

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घुमक्कड़

समीर ने विवाह के एक वर्ष बाद जब अपनी पत्नी स्मिता के साथ अकेले घूमने जाने की इच्छा जताई तो माँ बिगड़ गयी बोली “अरे अभी तो पूरा परिवार खाटू श्याम के दर्शन…

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