अनुभव – हिन्दी वेब पत्रिका
हिन्दी लेखक डॉट कॉम की एक उपक्रम

तुम

कुछ सर्द सा कुछ गर्म सा था, वक़्त जब ठहरा हुआ , ख़ामोश लब पर बोलती आँखों का,वो जादू गहरा हुआ। रूह को था अज़ीज़ वो, एहसास था क़रीब जो, आग़ोश में रूहानियत…

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एक खोज

मै बेवफा के दिल मे वफा खोजता हूँ। क़ाफिरों के दिल मे खुदा खोजता हूँ।। मिरे कदम रवाँ थे मंजिल के वास्ते। मयस्सर हो मुझे मै ऐसा समाँ खोजता हूँ।। भूल जाने को…

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हिन्दू को हिन्दू, नमाजी को मुसलमान रहने दो

हिन्दू को हिन्दू, नमाजी को मुसलमान रहने दो ना मिटा मजहबे शह में, मुझे इन्सान रहने दो। कभी कट गए थे, बेसबब, जिन्दा जले, जिन्दा दफन हुए जो बेघर कभी ये छप्पर मकान…

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