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Anubhav November Archives - हिन्दी लेखक डॉट कॉम

अनुभव – हिन्दी वेब पत्रिका
हिन्दी लेखक डॉट कॉम की एक उपक्रम
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देशभक्ति

        क्यों  जमाने को आज हो क्या गया है, कातिल मुंसिफ बन क्यों गया है? कानून बनते थे जिन पर शिकंजे को, वही आज कानून बना क्यों रहा है? गाँधी को समझते थे जो अपना दुश्मन, ‘वाह वाह गाँधी’ आज  कर क्यों रहा है? अक्सर करते हैं जो गन्दी राजनीति, स्वच्छता की बात आज कर क्यों रहा है? लड़ा ही नहीं जो आजादी का जंग, ‘खुर्शीद’ को देशभक्ति सीखा  क्यों रहा है? -    मोहम्मद खुर्शीद आलम 

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वह दिन आएगा

आज सशंकित है नारी, ना जाने कल क्या होगा? फूल चढाए जिसको उस, माँ की कोख का क्या होगा? वर्चस्व की कीमत पर क्या फिर, किसी अबला का शीलभंग होगा? या कि मोहन…

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कोशिश

मेरी डायरी से "लेहरों से डरकर नोका पार नही होती और कोशिश करने वालो की कभी हार नही होती" दिल्ली विश्वविद्यालय के कई कॉलेज से थक हारने के बाद मैने सत्यवती महाविद्यालय में…

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जब होंगे ना धृतराष्ट्र सभी

काश जो भीम उठा होता दुर्योधन की ललकारों से अर्जुन जो तीर चला देता उन दुष्टों की बातों पे धर्म के नाम पे बंधते ना, धर्मराज युधिष्ठिर जो भीष्म ना बैठे रहते जो,…

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मोहन जोदडो

इस विशय में हम जितना भी जानते हैं, ये सभ्यता उससे भी कहीं आगे थी कहीं अधिक विकसित और सभ्य एवं सुसंस्कृत थी . इनका जीवन गरिमापूर्ण, सौहाद्रपूर्ण और प्रेमवत  था, इनमे युद्ध आदि…

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छोटी चिड़िया

मेरे घर की छोटी चिडिया. कहते हैँ जिसको गौरैय्या, आज शाम वह छत पर बैठी कहती सुन लो मेरे भैया । घर तो तुमने खूब बनाया. जर्रा जर्रा इसे सजाया. लेकिन मेरी क्या…

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आज का इंसान

हर गली मे मंदिर और मस्जिद है फ़िर इतना अधर्म पनपता क्यूँ है जब खुदा से इत्ती ही मोहब्बत है इंसान आपस मे  झगड़ता क्यूँ है कहते हैं, खुदा सबके अंदर बसा है…

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दुआ

मालिक, मौला, खुदा, बाबा मेरे राम कैसे पुकारूँ तुझे कितने सारे हैं नाम ? सुनता है तो सुन ले , जरा इधर भी नज़रें लगा दें द्य जहाँ से मिलती हो बोल के…

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अन्तर्मन के दीप

दफ्तर से आते-आते रात के आठ बज गये थे।घर में  घुसते ही प्रतिमा के बिगड़े तेवर देख श्रवण भांप गया कि जरूर आज घर में कुछ हुआ है,वरना मुस्करा कर स्वागत करने वाली…

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आत्मविश्वास

अनुभव को मंच पर धाराप्रवाह में शुद्ध उच्चारण के साथ भाषण देते  हुए देखकर  बच्चों के साथ-साथ सभी अध्यापक भी चकित रह गए वह भी कंठस्थ? वे कोई सपना तो नहीं  देख रहे।तभी…

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क्या आप जानते हैं?

भालू के 42 दांत होते हैं। शुतुरमुर्ग की आँखें उसके दिमाग से बड़ा होता है । बिल्ली के प्रत्येक कान में ३२ मांसपेषियाँहोती हैं । बिल्ली 66 प्रतिशत जीवन सोने में बिताती है।…

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किसने किया श्रृंगार

किसने किया श्रृंगार प्रकृति का, अरे, कोई तो बतलाओ ! डाल-डाल पर फूल खिले हैं ठण्डी सिहरन देती वात पात गा रहे गीत व कविता कितने सुहाने दिनऔर रात मादकता मौसम में कैसी…

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