देशभक्ति

        क्यों  जमाने को आज हो क्या गया है, कातिल मुंसिफ बन क्यों गया है? कानून बनते थे जिन पर शिकंजे को, वही आज कानून बना क्यों रहा है? गाँधी को समझते थे जो अपना दुश्मन, ‘वाह वाह गाँधी’ आज  कर क्यों रहा है? अक्सर करते हैं जो गन्दी राजनीति, स्वच्छता की बात आज कर क्यों रहा है? लड़ा ही नहीं जो आजादी का जंग, ‘खुर्शीद’ को देशभक्ति सीखा  क्यों रहा है? –    मोहम्मद खुर्शीद आलम