बस तुम मेरे हाथों में अपना हाथ रख दो

मौन मन में बात कुछ आती नहीं बस तुम मेरे हाथों में अपना हाथ रख दो   मौन बेला ना खलेगी जिंदगी की प्रगति के शिखर पर कदम  यूं बढ़ते रहेंगे कड़वी दवा…

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ये जो दिन है, ना

ये जो दिन है, ना विरोध में है मेरे मुझे पता है ...इतने जल्दी नही जायेंगे मेरे यथार्थ चक्षु से...मगर करना क्या है अब रुकना है या फिर चलना अगर रुकता हूँ.. तो…

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राही

ऐ राही यू ना बडबडाओ, अकेले अपने आप से विफलता के डर को दूर भगाओ अपने आप से, न रूको, न थको तुम अपने काम से, बस ईमानदारी बनाये रखो सदा तुम अपने…

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कागज की आँखें

लगता है दिवारों पर टंगी आँखों को देखकर कइंर् युग चल रहे हैं एक साथ ऐसा जान पडता है मैं ही विरोधी हूँ इन बीते युगों का सामने देखता हूँ दीवार पर एक…

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खामियां

ऐ ज़िन्दगी तेरी खामियों को दूर करना चाहता हूँ। जो नहीं दिया मुकद्दर ने मै उसे पाना चाहता हूँ। माना कई दफ़ा हारा हूँ। एक दफ़ा तुम्हे हराना चाहता हूँ। ऐ ज़िन्दगी तेरी…

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सवाल

मेरा एक सवाल है। ना जाने उसका क्या जवाब है। कभी हाँ तो कभी ना सुनने को ये दिल बेक़रार है। कभी वो तो कभी उसका ख्बाब मुझे बेचैन करता है। अब ये…

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किसानों की दशा

फसलें तैयार खड़ी खेतन पे किसान चिन्ता करे नोटन पे न वोटन पे । बगैर खाद की बौनी कर कें पानी खेतन पे दओ उधार अब जो आ गयो हारबेस्टर । सूखी फसलें…

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चीचो

"चीचो आ गयी" "चीचो आ गयी" घ र से दफ्तर के लिये निकल रहा था कि तभी यह आवाज़ सुनायी पड़ी । मेरी माता जी अपनी नातिन को खिला रहीं थी । मेरीपुत्री…

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प्रताड़ित नारी

कहते है नर-नारी है समान पर क्यों होता नारी का ही अपमान कहने को है दोनों समान पर कहीं नहीं मिलता नारी को सम्मान जन्म से पहले ही होने लगती है प्रताड़ित नारी…

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दोनों हाथ लड्डू 

सब्जियों के बढ़ते भावों से परेशान होते हुये विपक्ष के एक नेता ने मुस्कराते हुये पत्रकारों से कहा- कि आम आदमी का तो जीना ही दूभर हो गया है , देखिए आलू-प्याज के…

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हर नदी के पास वाला घर तुम्हारा

हर नदी के पास वाला घर तुम्हारा आसमां में जो भी तारा हर तुम्हारा बाढ़ आई तो हमारे घर बहे बस बन गई बिजली तो जगमग घर तुम्हारा तुम अभी भी आँकड़ों को…

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एक ब्रेक  

"पिछले चार महीने से एक दिन की छुट्टी नहीं. लास्ट क्वॉर्टर का प्रेसर. जिंदगी एक कुत्ता दौड़ बन गयी है. कभी फायरिंग , कभी वॉर्निंग , कभी इन्सेंटिव का लालच , कभी प्रमोशन…

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